VSRD-Ongoing

वन्या रेशम धागाकरण

 

चालू अनुसंधान परियोजनाएं:

1) शीर्षक:- उत्‍पादकता और गुणवत्‍ता के लिए ऐरी कताई प्रारंभिक/ उपक्रमात्‍मक मशीनों में परिवर्तन/ परिष्‍करण

इसमें शामिल वैज्ञानिक : अश्‍वथ रेड्डी और के.पी.शिवकुमार

अनुमानित परिणाम :- कुटीर सेक्‍टर में एरी सूत के उत्‍पादन के लिए अति उपयुक्‍त कताई प्रणाली प्रारंभ की जाएगी।

2) शीर्षक :- कॉज़़मेटिक प्रयोग के लिए मुखावरण उबटन (मास्‍क) के रूप में ऐरी रेशम आधारित बिन बुने वस्‍त्रों का विकास

इसमें शामिल वैज्ञानिक : नवीन वी. पड़की, गौरव अग्रवाल और उदय सी. जावली

अनुमानित परिणाम :-

  • ऐरी (अहिंसा) रेशम का उपयोग करते हुए वेट लेड या नीडल पंच प्रक्रिया द्वारा निर्मित रेशम बिन बुने वस्‍त्र
  • विकसित ऐरी रेशम बिन बुने ऐरी रेशम की भौतिक एवं मैकेनिकल विशेषताओं का डेटाबेस ।
  • मुखावरण उपयोग और तैयार मुख आवरण उबटन (मास्‍क) की विशेषताओं के लिए ऐरी रेशम बिन बुने वस्‍त्र पर सेरिसिन आधारित फार्मूला का विकास।
  • ऐरी रेशम बिन बुने वस्‍त्र से तैयार मुखावरण उबटन (Faial marks) और प्रतिष्ठित कॉजमेटिक से सेरीसिन संरूपण
  • प्रयोग विशेषताएं :-

3) शीर्षक:- रेशम गलीचों का अध्‍ययन : गलीचों की विशेषताओं पर संरचना का प्रभाव

इसमें शामिल वैज्ञानिक : किरन बी. मलाली, नवीन वी पडकी, के.के. गोस्‍वामी और सनत कुमार पाल

अनुमानित परिणाम :-

  •         एरी, गलबरी और तसर स्‍पन रेशम स्‍पूतों को विभिन्‍न संरचनाओं में उपयोग करते हुए रेशम गलीचे विकसित किए गए।
  •         विकसित रेश्‍शम गलीचों की स्‍थापित भौतिक, मैकेनिकल और क्रियागत विशेषताएं और
  •         स्‍थापित विभिन्‍न गलीचा की विशेषताओं की संरचना को समझना और उनका प्रभाव

4)  शीर्ष: उपयुक्‍त पाक तकनीकी का विकास और रैली कोसा की विशेषता

इसमें शामिल वैज्ञानिक : उदय सी. जावली, किरण बी. मलाली और नवीन वी. पडकी

अनुमानित परिणाम :- इसके अध्‍ययन से उपयुक्‍त पकाने की मशीन और प्रौद्योगिकी को डिजाइन करने में सहायता मिलेगी जिसकी सहायता से तसर उद्योग उत्‍तम ग्रेड के धागाकृत सूत के उत्‍पादन के लिए ‘’ रैली’’ कोसों के उपयोग में सहायता मिलेगी।

5)  शीर्षक: जैव सामग्री उपयोगों के लिए एलक्‍ट्रोस्‍पन रेशम फाइब्राइन   नैनोकम्‍पोज्रिट फाइबर्स का अध्‍ययन

इसमें शामिल वैज्ञानिक : नवीन वी. पडकी, उदय सी. जावली और प्रकाश भट्ट(केरेप्रौअसं, केरेबो, बेंगलूरु, भारत), अलेस्संद्रा सुट्टी, सुनगई वॉंग (डैकिन यूनिवर्सिटी, मेलबोर्न, ऑस्‍ट्रेलिया)

अनुमानित परिणाम :-

  •  सेरिसिन संपुटीभवनों (एनकैप्‍सुलेशन्स) का उपयोग करके नैनो कम्‍पोसिट एलक्‍ट्रोस्‍पन फाइबर्स का विकास और इसके                  एनकैप्‍सुलेशन्‍स तकनीक के फैबराइन मैट्रिक्‍स और सेरिसिन रेजरवायर प्रणाली को समझना
  •  कैनेटिक्‍स विमोचन पर एनकैप्‍सुलेशन तकनीक के फैबराइन मैट्रिक्‍स और सेरिसिन रेज़रवायर प्रणाली को समझना
  •  विकसित रेशम नैनो- कम्‍पोजिट फाइबर्स की कोशिका आविषता (साइटोटॉक्‍सी कोलोनिकल) गुण

6)   शीर्षक :- मूगा कोसा पूर्व उपचार विधियों पर धागाकरण क्षमता पर अध्‍ययन

इसमें शामिल वैज्ञानिक : सोनी विजयकुमार रामदास और रविकुमार डी

अनुमानित परिणाम :-

  • मूगा कोसा पूर्वोपचार विधि को विभिन्‍न रासायनिकों का उपयोग करते हुए विकसित करने की आवश्‍यकता है जिसमें रासायनिकों का प्रयोग न हो, पारगम्‍यता द्वारा निर्वात, दाबानुकूति पाक हो, विभिन्‍न मानदण्‍डों जेसे तापमान अवधि आदि का उपयोग हो ताकि स्‍वाभाविक रंग में सूत का उत्‍पादन हो, बेहतर भौतिक विशेषताएं यथा शक्ति, संसंजन चमक आदि और सबसे महत्‍वपूर्ण रेशम वसूली में वृद्धि हो।
  • वसूली में वृद्धि से मांग एवं आपूर्ति के बीच की दूरी कुछ कम होगी जिससे सूत की कीमत में नियंत्रण होगा, कृषक – धागाकरण – बुनकर एवं व्‍यापारी की आय बढ़ेगी।

अन्‍वेषणात्‍मक अध्‍ययन

  • तसर कोसा के लिए कन्‍वेयर शुष्‍क मशीन के उपयोग पर अध्‍ययन
  • तसर कोसा गणन उपकरण का विकास
  • एरी का उपयोग करते हुए रोटोर कता रेशम धागा का विकास