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शहतूती रेशम धागाकरण 

 

1. शीर्षक:- धागाकरण प्रक्रिया में सेरिसिन का उपयोग करते हुए बहुप्रज कच्‍चा   रेशम/ तसर

रेशम/ मूगा रेशम की संसंजन विशेषताओं के सुधार पर अध्‍ययन।

  इसमें शामिल वैज्ञानिक:-, सुभाष वि नायिक, एम ए जोसेफ, एस.ए हिप्‍पर्गी,     यु.सी जावली और जी. हरिराज

 अनुमानित परिणाम :-

अध्‍ययनों से बहुप्रज कच्‍चा रेशम, तसर और मूंगा रेशम के उत्‍पादन सहित संसंजन विशेषताएं बेहतर होंगी जिससे इन सूतों को ताना के रूप विभिन्‍न प्रकार के वस्‍त्रों को तैयार करने में प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सकता है।

2. शीर्षक:- कच्‍चे रेशम की लच्छियों के ऐंठन निष्‍पादन में सुधार लाने के लिए पूर्व वाष्‍पीय तकनीक का मानकीकरण

इसमें शामिल वैज्ञानिक:- जी. हरिराज, संगप्‍पा एन. शिलीन और जे. रामप्‍पा

 अनुमानित परिणाम :-

यह परियोजना कच्चे रेशम के प्रकार, तापमान और वाष्‍प की अवधि और  रेशम के ऐंठन निष्‍पादन पर रेशम तंतु के ऊपरी संशोधन से संबंधित पूर्व वाष्‍पीय तकनीक के मानकीकरण में सहायक होगा।

यह धागाकारकों को उनके कच्‍चे रेशम के लिए बेहतर राजस्‍व प्राप्‍त करने में   मदद करेगा चूंकि कच्‍चा रेशम के ऐंठन निष्‍पादन में अच्‍छा सुधार होगा।

3. शीर्षक:- ऐरीसिन द्रवण विशेषताओं पर अध्‍ययन

इसमें शामिल वैज्ञानिक:- बी.एम. महादेवय्या, करियप्‍पा, जी हरिराज और जे. रामप्‍पा

 अनुमानित परिणाम :-

  • सेरीसिन द्रवण विशेषताओं और कोसों के धागाकरण क्षमता के बीच सहसंबंध स्‍थापित किया जाएगा।
  • यह अध्‍ययन धागाकारों को अनूकुल और प्रतिकूल  ऋतुओं के समय कोसों को संसाधित करते समय अपनाए जाने वाले उपयुक्‍त पकाने की शर्तों के संबंध में धागाकारकों को सूचना देने में सहायक होगा।
  • यह सेरीसिन द्रवण विशेषताओं पर आधारित कोसों की धागाकरण क्षमता के आकलन में सहायक होगा।

4) शीर्षक :- कोसा और कच्‍चा रेशम के मूल्‍य स्थिति पर अध्‍ययन और रेशम     धागाकरण सेक्‍टर पर इसका प्रभाव :

   इसमें शामिल वैज्ञानिक : सी.आर.नागराज, के.एन. महेश और सुभाष वि नायिक

 अनुमानित परिणाम :- 

  • परियोजना से कोसों और कच्‍चा रेशम के मूल्‍य परिवर्तन में निहित विविध मामलों को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।
  • इन अनुसंधानों से धागाकरण एककों को उनके प्रचालन कार्यों और लाभ पर मूल्‍य परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में उपाय बताने में उपयोगी होगा।
  • इस नतीजे से रेशम धागाकरण सेक्‍टर के लिए बाजार स्‍तरीय बौद्धिक रिपोर्ट की तैयारी में सहायता मिलेगी।
  • अध्‍ययनों के परिणामों से एजेंसियों  को रेशम धागाकरण सेक्‍टर के संपूर्ण विकास हेतु नीति संबंधित मामलों को और अच्‍छी तरह समझने में मदद मिलेगी ।

 अन्‍वेषणात्‍मक अध्‍ययन :-

1)     बहुप्रज और द्विप्रज कोसों की प्रतिदीप्ति विशेषताओं पर अध्‍ययन और धागाकरण निष्‍पादन, कच्‍चे रेशम की गुणवत्‍ता का प्रभाव

2)     कच्‍चे रेशम/ वस्‍त्र में भारीपन लाने के लिए रासायनिक उपचार

3)     पोर्सिलेन बटनों की बजाय स्‍लग कैचर का विकास