General Training-Hindi

प्रशिक्षण प्रभाग

 

रेशम मनुष्य के परिचित सबसे पुराने तन्तुओं में से एक है और दुनिया में सबसे अधिक प्यारा तन्तु है । अपनी भव्यता की वजह से रेशम वस्त्र सदियों से निरपवाद रूप से वस्त्रों की रानी के पद में विराजमान है । विलासिता, लालित्य, किस्म, प्राकृतिक चमक, रंगों की ओर सहज आकर्षण और चटकीला रंग, हल्के वजन, कमजोर गर्मी प्रवाहकत्त्व, लचीलापन तथा उत्कृष्ट वस्त्र विन्यास इसकी कुछ अत्यन्त सम्मोहक प्रीतिकर गुणविशेषताएं हैं । भारत में, रेशम को प्राचीन काल से एक पवित्र तन्तु माना जाता है और कोई भी धार्मिक समारोह रेशम के उपयोग के बिना पूरा नहीं होता ।

भारतीय रेशम उद्योग अत्यधिक श्रमयुक्त है । उद्योग अत्यधिक विखंडित है और इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण पुराने हैं । गुणवत्ता हासिल करने के लिए मानव कौशल पर अत्यधिक निर्भर है । यह देखा गया है कि कौशल जो परंपरागत रूप से पिता से बेटे को प्राप्त हो जाते हैं,पुरानी बात हो गई । युवा पीढ़ी के अन्य क्षेत्रों में बह गए हैं, जहाँ अधिक लाभ है । यदि केवल कौशल विकास को संस्थागत किया जा सकता है,  प्राप्त लाभ जो तात्पर्य को पुर: प्रज्ज्वलित किया करेगा । केन्द्रीय रेशम प्रौद्योगिक अनुसंधान संस्थान, बेंगलूरु द्वारा परिवर्तन को  गौर किया गया है और उचित रूप से प्रतिक्रिया दिखाई जा रही है ।

अवधि के दौरान, संस्थान भारत में अनुसंधान और विकास के लिए कोसोत्तर प्रौद्योगिकी के प्रमुख संस्थान के रूप में उभरकर आया है, इसने 1983-84 के बाद कोसोत्तर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक उत्कृष्ट केंद्र का सेट अप किया । प्रशिक्षण कार्यक्रम का लक्ष्य राज्य रेशम उत्पादन विभाग के कर्मचारियों (रे उ वि), उद्यमियों, छात्रों, फैशन डिजाइनरों, धागाकारों, रँगाईकारों, ऐंठनकारों, बुनकरों, निचले स्तर के कार्यकारों आदि को प्रशिक्षण दिलाना है ।  संस्थान द्वारा प्रस्तुत प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्रीय रेशम बोर्ड और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता अभिकरण (जाइका) के संयुक्त रूप से प्रायोजित तृतीय देशी प्रशिक्षण कार्यक्रम, कैप्सूल पाठ्यक्रम और तदर्थ पाठ्यक्रम शामिल हैं । प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों के लिए ठहरने की सुविधा हॉस्टल में है । आवास एक डबल बेड साझा कमरे में नाममात्र शुल्क पर उपलब्ध है । इच्छुक उम्मीदवारों को निदेशक, केन्द्रीय रेशम प्रौद्योगिक अनुसंधान संस्थान, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, बीटीएम लेआउट, मडिवाला, बेंगलूरु – 560 068 या प्रशिक्षण प्रभाग अधिकारी को टेलीफोन सं.  : 080 2628 2316 या 2628 2324 पर संपर्क करें ।

 

जाइका के अधीन तृतीय देश प्रशिक्षण कार्यक्रम (टी सी टी पी)
यह जाइका द्वरा प्रायोजित तृतीय विश्व देश के कर्मचारियों को द्विप्रज रेशम उत्पादन में प्रशिक्षित करने का अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है । इस कार्यक्रम को दो पाठ्यक्रम, द्विप्रज कोसोत्तर प्रौद्योगिकी में छ: दिवसीय पर तकनीकी पाठ्यक्रम एवं द्विप्रज कोसोत्तर  प्रौद्योगिकी पर 20 दिन का तकनीकी (विशेषज्ञता) पाठ्यक्रम है ।
कैप्सूल पाठ्यक्रम (प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम)
कैप्सूल पाठ्यक्रम या प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम सामान्य रूप से उद्योग के लिए उपलब्ध कोसोत्तर प्रौद्योगिकी पहलुओं से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रचार के 4 से 11 दिवसीय अल्पावधि का है । वित्तीय वर्ष के दौरान प्रस्तुत प्रशिक्षण कार्यक्रम की सूची पाठ्यक्रम शुल्क तथा अवधि के साथ दिया गया है ।
(कैप्सूल पाठ्यक्रम (समय सारणी हेतु क्लिक करें)

विशेष / तदर्थ पाठ्यक्रम (समय सारणी हेतु क्लिक करें)
विभिन्न राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों, गैर सरकारी संगठन, रेशम उद्योग में प्रगतिशील नवागंतुकों से बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अल्पावधि प्रशिक्षण पाठ्क्रम का आयोजन किया गया है । इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम विशिष्ट आवश्यकताओं की जरूरत के आधार पर आयोजित किए जा रहे हैं ।

वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पेशकश की सूची के साथ कोर्स की फीस और अवधि के साथ दिया जाता है! (कार्यक्रम के लिए क्लिक)